सतपुड़ा आंचल बैतूल (संवाददाता :- राजकुमार सेमकर)
बैतूल:- वरिष्ठ पत्रकार राधेश्याम मालवीय का निधन पत्रकारिता, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। वर्ष 1986 में छोटे से नगर घोड़ाडोंगरी से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले मालवीय ने तीन दशकों से अधिक समय तक अपनी निष्पक्ष और सशक्त लेखनी से जनमानस में विश्वास कायम किया। उन्होंने दैनिक भास्कर, लोकमत समाचार, नवभारत, देशबंधु, नवदुनिया जैसे प्रमुख हिंदी दैनिकों के साथ-साथ हिंदुस्तान टाइम्स और द हितवाद जैसे अंग्रेजी अखबारों में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।
राधेश्याम मालवीय ने अपने पत्रकारिता जीवन में इंदरचंद जैन, प्रहलाद वर्मा, रामकिशोर पवार, अनिल सिंह ठाकुर जैसे वरिष्ठ पत्रकारों के साथ मिलकर प्रिंट मीडिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे संवेदनशील पत्रकार के साथ एक जागरूक किसान और समाजसेवी के रूप में भी क्षेत्र में सक्रिय रहे। उन्होंने आम जनता की समस्याओं को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाकर समाधान कराने में अहम भूमिका निभाई।
राजनीतिक क्षेत्र में भी मालवीय का विशेष योगदान रहा। उन्होंने विनोद डागा, गुफरान आजम, और पूर्व विधायक मीरा उईके जैसे बड़े नेताओं के साथ काम किया और राजनीतिक घटनाक्रमों को निडरता से जनता तक पहुंचाया। कलचुरी कलार समाज की प्रथम जिला कार्यकारिणी में जिला प्रचारक के रूप में रहते हुए उन्होंने समाज उत्थान में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
राधेश्याम मालवीय ने कान्हावाडी क्षेत्र की प्रसिद्ध जड़ी-बूटी ‘वैद्य बाबूलाल का प्रचार-प्रसार कर जन स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाई। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर विस्तृत लेख लिखकर शासन का ध्यान उनकी ओर आकर्षित किया। उनके लेख शासन-प्रशासन तक आमजन की आवाज बनकर पहुंचे।
अपनी सादगी, ईमानदारी और सरल जीवन शैली के लिए प्रसिद्ध राधेश्याम मालवीय एक आदर्श पत्रकार और सच्चे जनसेवक रहे। उन्होंने अपने भरे-पूरे परिवार में चार पुत्रों और एक पुत्री का पालन-पोषण निष्ठा से किया। उनके पुत्र जितेंद्र मालवीय ने भी वर्षों तक प्रिंट मीडिया में उनके विचारों को आगे बढ़ाया।
6 नवंबर को हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल राधेश्याम मालवीय ने नागपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। उनके अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब उनके प्रति जनता के सम्मान और प्रेम का प्रतीक रहा।
राधेश्याम मालवीय ने समाज के लिए निष्पक्ष पत्रकारिता, जनजागरण और सेवा की जो विरासत छोड़ी है, वह हमेशा प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। सामाजिक, राजनीतिक और पत्रकारिता जगत की ओर से उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि।



