छिंदवाड़ा, 06 दिसंबर:-
सेज ग्रुप भोपाल द्वारा छिंदवाड़ा में आयोजित ‘सेज शिक्षा आपके द्वार’ (SSAD) कार्यक्रम के अंतर्गत स्टूडेंट्स चैप्टर और टीचर्स चैप्टर का दो सत्रों में सफल और प्रभावशाली आयोजन किया गया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को शिक्षा, करियर और नई शैक्षणिक पहलों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।

कार्यक्रम का प्रथम चरण होटल सिल्वर शाइन, छिंदवाड़ा में आयोजित किया गया, जिसमें 200 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
सेज यूनिवर्सिटी भोपाल एवं SIRT समूह के विशेषज्ञों ने उभरते करियर अवसरों, रोजगारोन्मुख कोर्सों, नए उद्योग–प्रवृत्तियों और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में आवश्यक कौशलों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
विद्यार्थियों द्वारा इंजीनियरिंग, फार्मेसी, मैनेजमेंट, कंप्यूटर एप्लिकेशन तथा स्वास्थ्य विज्ञान से जुड़े कार्यक्रमों में विशेष रुचि व्यक्त की गई।
शाम के सत्र में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में छिंदवाड़ा व निकटवर्ती क्षेत्रों के 185 प्रतिष्ठित शिक्षकों ने सहभागिता की।
समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. अनिता कौशल, प्रो. मनीषा मिश्रा, प्रो. सुधीर मिश्रा, प्रो. आर एस बघेल तथा राजेश दौड़के रहे, जिनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।

सत्र में शिक्षा की गुणवत्ता, नई शिक्षा नीति, शिक्षकों की भूमिका तथा वर्तमान शिक्षण पद्धतियों पर उपयोगी चर्चा हुई।
प्रो. अमीष झा ने सेज समूह के चेयरमैन इंजीनियर संजीव अग्रवाल की शिक्षा-उन्नयन दृष्टि, नवाचारों और समाजहित में की जा रही पहलों को रेखांकित किया।
प्रो. म. अरशद ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और विद्यार्थियों में कौशल-विकास के प्रयासों पर प्रकाश डाला।
डॉ. संदीप वर्मा ने कहा कि शिक्षक न केवल ज्ञान का संचार करते हैं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और समाज के भविष्य को आकार देते हैं। उपस्थित शिक्षकों ने सेज यूनिवर्सिटी के शिक्षा के प्रति समर्पण और जनकल्याण भाव की सराहना की।
मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा—
“शिक्षक समाज की प्रगति के मूल स्तंभ हैं और सेज समूह द्वारा दिया गया यह सम्मान उनके अथक परिश्रम और समर्पण का आदर है।”
यह आयोजन विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी रहा। छात्र–शिक्षक संवाद, नई शिक्षा पहलों की समझ और सेज यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक मिशन ने कार्यक्रम को सार्थक एवं सफल बनाया।



