पूर्व सचिव पी.सी. बारस्कर बोले — होटल, होम-स्टे और पर्यटन सेवाओं में बड़ा अवसर; रेलवे स्टेशन उन्नयन और हाईवे विकास से बढ़ेगा रोजगार
गोवर्धन गुप्ता (शाहपुर):- सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व चुरना क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलने की संभावनाएँ तेजी से उभर रही हैं। इसी संदर्भ में मध्य प्रदेश राज्य नीति एवं योजना आयोग के पूर्व सलाहकार तथा लोक निर्माण विभाग के पूर्व सचिव श्री पी.सी. बारस्कर ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह पूरा क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है और आने वाले वर्षों में यह रोजगार का सशक्त केंद्र बन सकता है।
श्री बारस्कर ने बताया कि चुरना और इसके आसपास के ग्रामों में होटल, रिसॉर्ट, होम-स्टे, कैंपिंग साइट्स तथा पर्यटन सेवाओं के क्षेत्र में व्यापक अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय युवक इस दिशा में पहल करें तो क्षेत्र के आर्थिक परिदृश्य में अभूतपूर्व परिवर्तन लाया जा सकता है।
उन्होंने युवाओं को आश्वस्त किया कि जगह, योजना और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे सही दिशा में कदम उठाकर अपनी आजीविका को मजबूत बना सकें।
रेलवे और हाईवे उन्नयन से बढ़ेगी पर्यटकों की आवाजाही:-
श्री बारस्कर ने बताया कि निकट भविष्य में ढोढरामोहार, मगरढोह और बरबतपुर रेलवे स्टेशनों का उन्नयन होने जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय व्यवसायों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
वहीं, नेशनल हाईवे से धपाड़ा के मध्य क्षेत्र में पर्यटकों के ठहरने हेतु होटल, लॉज और रेस्टोरेंट की बड़ी आवश्यकता है। इस कमी को पूरा करने के लिए यदि स्थानीय युवक कम पूंजी में 3–4 कमरों के छोटे होटल या होम-स्टे तैयार करें तो यह अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्तमान में उपलब्ध फाइव-स्टार होटलों के किराये पर्यटकों की पहुंच से बाहर रहते हैं, ऐसे में स्थानीय युवाओं द्वारा संचालित किफायती आवास सुविधाएँ क्षेत्र के पर्यटन को नई उड़ान देंगी और स्वयं युवाओं के लिए स्थायी रोजगार का माध्यम बनेंगी।
स्थानीय युवाओं के भविष्य की नई राह:-
श्री बारस्कर ने कहा कि चुरना क्षेत्र में प्राकृतिक सौंदर्य, वन्य पर्यटन, साहसिक पर्यटन और ग्रामीण जीवन शैली—ये सभी तत्व मिलकर इस क्षेत्र को मध्य प्रदेश का उभरता हुआ पर्यटन केंद्र बना सकते हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस अवसर को समझें, प्रशिक्षण प्राप्त करें और अपने क्षेत्र को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में साझेदार बनें।
सतपुड़ा की हरी-भरी वादियों में अब सिर्फ वन्यजीवों की दहाड़ ही नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की गूंज भी सुनाई देने लगी है।



