बैतूल, 28 अक्टूबर:-
बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने सोमवार को जिले के राजस्व और अन्य विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि भूमि संबंधी अविवादित मामलों में अब किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने समयसीमा की बैठक में निर्देश जारी करते हुए कहा कि 30 दिन या 90 दिन से अधिक समय से लंबित नामांतरण और बंटवारा के प्रत्येक प्रकरण पर संबंधित तहसीलदार व नायब तहसीलदार से ₹5,000 का जुर्माना वसूला जाएगा। यह राशि सीधे उनके वेतन से काटी जाएगी।

1.🔹 समयसीमा में निपटारा अनिवार्य:-
कलेक्टर सूर्यवंशी ने कहा कि आम जनता के भूमि से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब शासन की जनसेवा भावना के विपरीत है। उन्होंने सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे साप्ताहिक समीक्षा कर लंबित प्रकरणों का समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित करें।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लापरवाही जारी रही, तो और कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
2.🔹 स्वास्थ्य विभाग में कार्रवाई:-
बैठक में घोड़ाडोंगरी में हुई स्वास्थ्य लापरवाही का मुद्दा भी उठा। इस पर कलेक्टर ने बीएमओ डॉ. संजीव शर्मा पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने के साथ दो दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
साथ ही डॉ. सोनू गोंड, नर्स भावना पंडोले, शिवरती धुर्वे, वार्ड ब्वॉय शैलेश बामनकर और गार्ड रंजीत का एक दिन का वेतन रोका गया।
3.🔹 स्वरोजगार योजनाओं पर जोर:-
कलेक्टर ने स्वरोजगारमूलक योजनाओं जैसे टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के अधिकतम लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी विकासखंडों में कैंप आयोजित कर अधिक से अधिक प्रकरण बैंकों को भेजे जाएं, ताकि पात्र लोगों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।
4.🔹 भूमि आवंटन में देरी पर नाराजगी:-
भूमि आवंटन से जुड़े मामलों में देरी पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि शासन की योजनाएँ जनता के हित के लिए हैं और यदि अधिकारी-कर्मचारी सुस्ती दिखाएंगे तो उनकी जवाबदेही तय की जाएगी।
🗞️ रिपोर्ट:- जय सोनी (जिला संवाददाता, बैतूल)



