नगर परिषद आठनेर की नीलामी पर उठे सवाल, पुराने थाना परिसर से लेकर फायर ब्रिगेड ऑफिस तक रखे कबाड़ का हिसाब अधूरा:-
सतपुड़ा अंचल, आठनेर (बैतूल):-
नगर परिषद आठनेर में कबाड़ (भंगार) नीलामी की प्रक्रिया को लेकर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। परिषद ने 28 अक्टूबर 2025 को नीलामी की घोषणा तो कर दी, लेकिन सूचना में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि नगर परिषद के पास वास्तव में कितना कबाड़ उपलब्ध है।

सूचना के अनुसार, नीलामी सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक नगर परिषद कार्यालय में होगी, जिसमें ₹1000 की सुरक्षा राशि जमा कर बोलीदाता भाग ले सकेंगे। लोहे, एल्युमिनियम, कॉपर, पीतल, प्लास्टिक और टिन की प्रति किलो दरें तय की गई हैं, किंतु सबसे अहम जानकारी — कुल मात्रा (क्वांटिटी) — का उल्लेख ही नहीं किया गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बिना मात्रा बताए नीलामी करना पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत है। उनका आरोप है कि यह प्रक्रिया कुछ खास लोगों को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।
एक नागरिक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “नगर परिषद के पास जितना कबाड़ दर्ज है, उसमें से करीब 80 से 90 प्रतिशत पहले ही गायब हो चुका है। अब नीलामी केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।”
सूत्रों का कहना है कि कबाड़ का बड़ा हिस्सा पुराने थाना परिसर, गायत्री नगर स्थित गोदाम, फायर ब्रिगेड ऑफिस और जल दर्शन पंप हाउस में रखा गया है, लेकिन इसकी सटीक मात्रा किसी भी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। यही वजह है कि कबाड़ की वास्तविक उपलब्धता पर संशय बना हुआ है।
एक अन्य सूत्र ने कहा, “यदि नगर परिषद के स्टॉक पंजीयन और वास्तविक भंडार का मिलान कराया जाए, तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।”
नगरवासियों ने इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविकता सामने आ सके। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत काल से लेकर नगर परिषद बनने तक यह पहली बार है जब कबाड़ नीलामी की निविदा सूचना जारी की गई है।
लोगों ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि नगर की संपत्ति की पारदर्शी तरीके से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



